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महाविद्यालय के नियम

महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाली प्रत्येक छात्रा से यह अपेक्षा की जाती है कि वह महाविद्यालय में बताए गए अनुशासन के निर्देशों के अनुसार आचरण करे। आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय हापुड़ की छात्राओं के लिए अनुशासन हेतु निम्नलिखित नियम बनाए गए हैं:

  • सभी छात्राओं को यूनिफॉर्म (ड्रेस कोड) में आना अनिवार्य है, अन्यथा कि स्थिति में उन्हें महावियालय में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
  • प्राचार्या - कक्ष के सामने घूमना, खड़ा होना, बात करना, बैठना सर्वथा वर्जित है। पालन नहीं करने की स्थिति में दंडित किया जा सकता है।
  • महाविद्यालय में मोबाइल का प्रयोग किया जाना सर्वथा वर्जित है। पाए जाने पर मोबाइल जमा कर लिया जाएगा तथा किसी भी दशा में वापस नहीं किया जाएगा।
  • कक्षाओं के बाहर बरामदा सिर्फ कक्षाओं में प्रवेश करने के लिए ही प्रयोग किया जाना चाहिए। बरामदे में खड़ा होना, शोर मचाना, अध्यापन कार्य को बाधित करना, सख्त मना है।
  • कक्षाओं से फर्नीचर बाहर निकालना सख्त मना है।
  • छात्राएं खाली समय में पुस्तकालय तथा निर्धारित स्थलों का ही प्रयोग करें।
  • छात्राएं अपने निर्धारित प्रसाधन कक्ष का ही प्रयोग करें, शिक्षिकाओं के प्रसाधन कक्ष का नहीं।
  • छात्राएं अवकाश दिवस के दौरान महाविद्यालय में न आएं अन्यथा उन्हें दंडित किया जाएगा।
  • परीक्षाओं के दौरान कोई भी अवांछित सामग्री महाविद्यालय प्रांगण में लाना मना है।
  • परीक्षाओं के दौरान भी छात्राओं को यूनिफॉर्म में आना अनिवार्य है।
  • अध्यापन कार्य दिवस पर छात्राएं निर्धारित समय पर ही महाविद्यालय के बाहर जा सकती हैं ।
  • छात्राएं महाविद्यालय में अपना पहचान पत्र (आइडेंटिटी कार्ड) अवश्य लेकर आएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसे प्रस्तुत किया जा सके।
  • सभी अभिभावक दोपहर में 2:00 बजे के बाद ही महाविद्यालय में किसी से मिल सकते हैं

परीक्षा नियम

  • परीक्षा वार्षिक /सेमेस्टर प्रणाली से होगी। छात्रा को प्रत्येक विषय में न्यूनतम अंकों में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। केवल एक विषय के पेपर एवं बुनियादी पाठ्यक्रम में अनुत्तीर्ण छात्राओं को पूरक परीक्षाओं के साथ परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी। प्रयोगात्मक विषय में लिखित एवं प्रयोगात्मक परीक्षा में अलग-अलग उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
  • वार्षिक/ पूरक परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्रा को पुनः उसी कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा अपितु पाठ्यक्रम उसे भूतपूर्व छात्रा के रूप में पूरा करना होगा।
  • विश्वविद्यालय द्वारा समय-समय पर निर्धारित परीक्षा संबंधी नियम छात्राओं पर लागू होंगे।
  • छात्रा को बी.ए. करने के लिए अधिक से अधिक 6 वर्ष का समय दिया जाएगा। यदि 6 वर्षों में छात्रा उत्तीर्ण न हो सकी तो भविष्य में बी.ए. की परीक्षा देने का अधिकार उसे नहीं होगा। 6 वर्ष की गणना उस तिथि से की जाएगी जब वह बी.ए. प्रथम वर्ष में प्रवेश लेगी। यदि बी.ए. प्रथम वर्ष की परीक्षा 3 वर्ष में उत्तीर्ण नहीं कर पाएगी तो उसे बी.ए. द्वितीय वर्ष में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

उपस्थिति

  • कोई छात्रा उस समय तक किसी भी विश्वविद्यालय परीक्षा में नहीं बैठ सकेगी जब तक कि उस विषय में लिखित तथा प्रयोगात्मक कक्षाओं में अलग-अलग उसकी 75% उपस्थिति न हो।
  • उपस्थिति में 5% की छूट प्राचार्य महोदया तथा विशेष परिस्थिति में 10% की छूट कुलपति महोदय दे सकते हैं।
  • उपस्थिति की गणना महाविद्यालय में शिक्षण प्रारंभ होने की तिथि से होगी। चाहे प्रवेश किसी भी तिथि को दिया गया हो।
  • विषय परिवर्तन की स्थिति में पूर्व विषयों की उपस्थिति के बाद परिवर्तित विषय या विषयों को उपस्थिति में नहीं जोड़ा जाएगा।
  • यदि कोई छात्र लगातार 10 दिन तक कक्षा में अनुपस्थित रहेगी तो उसका नाम महाविद्यालय की नामावली से काट दिया जाएगा।
  • प्रत्येक माह छात्रा की उपस्थिति विश्वविद्यालय तथा क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के यहां भेजी जाएगी।

परिचय पत्र

प्रवेश के समय सभी छात्राओं को महाविद्यालय द्वारा परिचय पत्र दिया जाएगा। प्रत्येक छात्रा को पासपोर्ट साइज (सामने से खींचा)फोटो परिचय पत्र पर लगाकर अपने ग्रुप इंचार्ज तथा प्रॉक्टर का हस्ताक्षर कराना अनिवार्य है। प्रत्येक छात्रा को परिचय पत्र हर समय अपने पास रखना अनिवार्य है। परिचय पत्र खो जाने पर दूसरा परिचय पत्र आवश्यक शुल्क जमा करके कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। परिचय पत्र का फोटो महाविद्यालय की निर्धारित यूनिफॉर्म में होना अनिवार्य है।